पूजा घर मे बचें इन 10 गलतियों से…..

अधिकांश हमारे हिन्दू धर्म मे सभी के घर मे मंदिर जरूर होता है और बहुत सारे लोग उसमे पूजा भी करते हैं, लेकिन जाने अंजाने हम अपने घरों के मंदिर मे ऐसी गलती कर देते हैं जिसकी वजह से हमे पूजा-पाठ, प्रार्थना का शुभ फल नहीं मिलता है, और नतीजा होता है कि घर के या आस पास के नास्तिक लोग यह भी कहने से नहीं चूकते कि इनता पूजा-पाठ और भगवान को मानकर भी क्या मिला, आज आप इस वीडियो मे ऐसी ही गलतियों को जानेंगे जिनहे ठीक करके आप अपनी बातें, प्रार्थना उस ईश्वर तक पहुंचा सकते हो….

  • घर की ईशान कोण नॉर्थ-ईस्ट मे भी मंदिर बनाएँ तो बेहद अच्छा होता है, लेकिन घर के ईशान मे मंदिर लाल कपड़ा, लाल बल्फ, या लाल रंग की चीजें ना रखें, इससे आपको पूजा करते समय और पूजा करने के गुस्सा चढ़ा रहेगा, और आपका व्यवहार खराब रहेगा।
  • घर के मंदिर मे किसी भी तरह की कटी-फटी, धूल मिट्टी से भरी भगवान की फोटो ना रखें, घर के मंदिर को भी रोज या सप्ताह मे अच्छे से साफ करें, वहाँ पर भी रोज धूप, ज्योत जलाते हुये धुआँ, आदि जमा होता है तो उसको साफ कर दिया करें।
  • मंदिर मे किसी भी देवी, देवता की 3 या 3 से ज्यादा फोटो, मूर्तियाँ ना रखें, हो सके तो पूरे घर मे भी इस बात का ध्यान रखें।
  • टूटी, फूटी, या किसी भी तरह से क्रेक मूर्ति का पूजन निषेध माना जाता है, इसे आप किसी साफ बहती हुई नदी मे ससम्मान जल प्रवाह कर दें।
  • घर के मंदिर मे शंख रखते हों तो एक से ज्यादा शंख ना रखें।
  • घर मे बनाए मंदिर मे मूर्तियाँ 3 इंच से ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि घर मे गृहस्थ जीवन बिताया जाता है, जिसके कारण से घर मे ज्यादा बड़ा मंदिर बनाना गृहस्थ जीवन के प्रति रुचि मे विश्वास कम करता है, पारिवारिक ज़िम्मेदारी निभाने मे कमी आ सकती है, आज कल के खान पान के हिसाब से लोगो ने धैर्य और इच्छा शक्ति इतनी मजबूत नहीं है कि वो दोनों को साथ लेकर चल सके, जिसके कारण घर मे अशुद्धता का माहौल भी जल्दी बन जाता है, जिसके कारण घर मे क्लेश, और झगड़े बढ्ने लगते हैं।
  • घर के मंदिर मे ठोस मूर्तियाँ रखकर पूजा पाठ नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ठोस मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होना जरूरी होता है, और प्राण प्रतिष्ठा वाली मूर्ति पूजन करना घर गृहस्थ जीवन मे असंभव हो जाता है।
  • घर मे शिव लिंग रखकर पूजा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि शिव लिंग मे एक पारद होता है, जिसे हम पारा भी कहते हैं, जो की घर गृहस्थ के हिसाब से अनुकूल नहीं माना जाता है।
  • घर के मंदिर मे जो भी मूर्तियाँ रखें सभी मे कम से कम 1 इंच की दूरी रखें ।
  • अखंड ज्योत घर मे नहीं लगानी चाहिए या ऐसी जगह नहीं लगानी चाहिए जहां पर शुद्धता का अभाव हो।

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