हमेशा रुपये-पैसे की तंगी रहती है तो हो सकता है ये दोष-

बहुत बार ऐसा होता है कि घर मे सभी के कमाने के बाद भी घर मे पैसे का सुख नहीं होता, बच्चे भी चिड़चिड़े हो जाते हैं, घर मे आए दिन पैसे की तंगी भी झेलनी पड़ती है, और घर मे बीमारियाँ भी इसी वजह से बनने लगती हैं, अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आइए जानते हैं इनके उपाय—–

पित्र दोष सबसे बड़ा मुख्य लक्षण और कारण-

आज कल हर कोई इधर-उधर बाबाओं के पास जाने लगे हैं और अपने घर के बड़ों को सही सम्मान देना भूल गए हैं, उन्हे बहुत जल्दी कामयाबी चाहिए, और वास्तविकता से भटकते जा रहे हैं जिसकी वजह से एक ही घर सभी सदस्य अलग-अलग बाबाओं को मानने लगे हैं, अपने कुल गुरु, कुल पुरोहित, कुल पूर्वजों को तो जानते ही नहीं हैं, इसीलिए घर मे पित्र दोष पनप जाता है, ऐसे योग मे आप जितने चाहे उपाय कर लें, पूजा कर लें, कोई परिणाम मजबूत स्थिति नहीं देगा, इसीलिए सबसे पहले आप उपरोक्त बातों को जरूर माने।

आपके घर के किसी भी हिस्से मे यदि पानी इकट्ठा हो जाता है, तो यह भी पित्र दोष का लक्षण होता है।

घर के अंदर से अजीब से बदबू हमेशा  आती हो तो यह भी इसी के लक्षण होते हैं।

आप समाज, रिश्तेदार, मिलने-जुलने वाले, पड़ौसी, दोस्तों के साथ बहुत अच्छे से मिलते हैं, सभी की मदद भी करते हैं, फिर भी बदनामी, और मान-सम्मान के सुख मे कमी झेलने को मिलती हो तो भी आपको आज ही संभल जाना चाहिए।

संतान सुख मे आए दिन कोई ना कोई कमी बनी रहती हो, या गर्भ मे ही संतान मर जाती हो तो आपको समझ लेना चाहिए कि पित्र दोष बहुत बढ़ गया है।

घर मे बेटी-बेटे की शादी मे आए दिन दिक्कत रहती हो, या फिर शादी बार बार खराब हो रही है, शादी की बात कहीं नहीं बन पा रही हो तो भी यही दोष जिम्मेदार होता है।

घर मे पैसा/संपत्ति बहुत है लेकिन घर मे क्लेश बहुत हो, बीमारी हो, मानसिक दुख हो, डिप्रेशन हो तो इसी दोष के लक्षण कहे जाते हैं।

घर का मुखिया आए दिन बीमार रहता हो, अकाल मृत्यु (एक्सिडेंट, बीमारी, हत्या, आत्महत्या, ऊपरी हवा )खानदान मे चली आ रही हो, तो आपको संभल जाना चाहिए।

घर का एक सदस्य ठीक होकर आए और दूसरा बीमार हो जाये या फिर घर के अंदर से बीमारी ना जाये तो पित्र दोष होता है।

घर मे लगाए हुये पौधे ना पनप पाते हों, तुलसी न लग पाती हो, घर की दीवारों मे, नींव मे, पीपल के पौधे अपने आप उगने लगें तो भी यही दोष होता है।

घर की दीवारों मे दरार आ जाये विशेषकर पूर्व दिशा, पश्चिम दिशा मे तो आपको समझ लेना चाहिए कि आपके घर मे यह दोष लग चुका है।

घर के बच्चो को सरकारी जुर्माने, बे-वजह भरने पड़े, सरकारी नौकरी न मिले, बल्कि सरकार के घर से कोई सजा, या जुर्माना भरने के नोटिस आ जाये तो पित्र दोष होता है।

घर के मुखिया या फिर घर के मर्दों (पुरुष सदस्यों ) को किसी भी प्रकार के नशे की आदत लग जाये पित्र दोष बढ्ने की शुरुआत होती है।

घर के मंदिर मे अपने पूर्वजों/बाबाओं की फोटो/मूर्ति लगाकर देवी-देवताओं की पूजा के साथ इनकी पूजा करना भी वर्जित होता है।

अपने पूर्वजों का अंतिम संस्कार पूर्ण विधि-विधान से ना करना सब कुछ अधूरे मन और अधूरी इच्छा से करना पित्र दोष को पैदा करता है।

जीते जी अपने माता-पिता, बड़ों बुजुर्गों का सम्मान न करना, और उनके मरने के बाद आप जितना चाहे पूजा-पाठ, पित्र शांति करवाएँ, 56 भोग लगवाएँ उससे शांति नहीं मिलती, सम्पूर्ण शांति और निरंतर उन्नति के लिए अपने माता-पिता, और समाज के सभी बड़े जनों का जीते जी सम्मान करें, उनकी किसी भी प्रकार से अवहेलना ना करें, यदि आप सभी का सम्मान करते हैं तो ही आपको पित्र शांति, हवन, यज्ञ का लाभ मिलेगा, अन्यथा सब कुछ व्यर्थ माना जाएगा, और कोई भी ज्योतिषी, पंडित जी, महात्मा से आपको मुक्ति नहीं मिलेगी।

इन सभी लक्षणों और कारणों को ठीक करके आप अपने घर और जीवन की आर्थिक स्थिति को मजबूत ही नहीं, बल्कि बहुत मजबूत कर सकते हैं।